Saturday, July 6, 2024
Google search engine
Homeछत्तीसगढ़बिरजू तारम के हत्या में भाजपा की संलिप्तता तो नहीं जांच होनी...

बिरजू तारम के हत्या में भाजपा की संलिप्तता तो नहीं जांच होनी चाहिये-कांग्रेस

भाजपा छत्तीसगढ़ में अडानी के एजेंट के रूप में चुनाव लड़ रही

रायपुर – राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा प्रवक्ता टार्गेट किलिंग, भ्रष्टाचार केंद्र की सहायता तमाम विषयों पर आरोप लगाकर गये। वे भी भाजपा की झूठ की श्रृंखला को आगे बढ़ाने आये थे।
भाजपा के प्रवक्ता गौरव भाटिया टार्गेट किलिंग की बात कर रहे थे उनके बयानो से भाजपा का एक बार फिर से गिद्ध वाला चरित्र उभरकर सामने आया है। भाजपा लाशों पर राजनीति कर रही है। भाजपा की आदत बन गई है लाशों पर राजनीति करना। भाजपा जिस प्रकार से टारगेट किलिंग की बात कर रही उससे आशंका पैदा हो रही, बिरजू तारम की हत्या की जांच होनी चाहिये। इससे भाजपा की संलिप्तता की भी जांच होनी चाहिये। राजनैतिक फायदे के लिये यह घटना तो नहीं हुई? ईश्वर साहू को प्रत्याशी बनाने के बाद साफ हो गया कि भाजपा किसी भी स्तर तक गिर सकती है। बिरजू तारम मामले में भाजपा के बयानों से साफ हो रहा इसमें भाजपा की सीधी संलिप्तता है।
जब केंद्र सरकार ने भाजपा के 24 नेताओं को खोज-खोज कर सुरक्षा प्रदान की तो बिरजू तारम को ही सुरक्षा क्यों नहीं दी गयी? भाजपा बतायें 24 नेताओं को सुरक्षा देने का क्या पैमाना था? बिरजू तारम को सुरक्षा नहीं देने का क्या पैमाना था? आज भाजपा के लोग दावा कर रहे बिरजू तारम को खतरा था तो यह बात उन्होंने पहले क्यों नहीं बताया था?
टारगेट किलिंग तो इस प्रदेश में 2013 में हुई थी जब हमारे नेताओं को पूछ-पूछ कर झीरम में हत्या हुई थी। हमारे 31 नेताओं को नाम पूछ-पूछकर मारा गया था। कौन है नंदकुमार पटेल? कौन है दिनेश पटेल? महेंद्र कर्मा कहां है? नाम ले लेकर मारा गया। 15 सालों में कांग्रेस के 178 चिन्हांकित पदाधिकारियों की नक्सलियों ने हत्या किया था। झीरम में तो रमन सिंह ने हमारे नेताओं की सुरक्षा हटाया था।
भाजपा बतायें कि अमित शाह के आने के पहले और जाने के बाद ही क्यों ईडी के छापे पड़ते है और नक्सली घटनायें होती है?
रमन राज के भ्रष्टाचार के मलाई खाने वाले भाजपाइयों को हर जगह सावन की अंधे की तरह भ्रष्टाचार ही दिखता है। दरअसल 15 सालों तक छत्तीसगढ़ को रमन सिंह ने भाजपा और आरएसएस का चारागाह बना कर रख दिया था। छत्तीसगढ़ को लूटा और भाजपा की तिजोरियां भरा 15 सालों में भाजपा का कोई ऐसा बड़ा नेता नहीं था जिससे छत्तीसगढ़ में कारोबार नहीं किया हो। नई राजधानी को हजारों करोड़ के टेंडर से लेकर बड़े काम भाजपा के बड़े नेता करते थे। छत्तीसगढ़ का पैसा नागपुर, गुजरात, दिल्ली जाता था। 1 लाख करोड़ का घोटाला रमन एंड कंपनी ने किया था। नान घोटाला, चिटफंड घोटाला, पनामा पेपर घोटाला, झलकी जमीन घोटाला, इंदिरा प्रियदर्शिनी घोटाला, स्काई वॉक घोटाला, सब रमन राज में हुआ था।
भाजपा छत्तीसगढ़ में अडानी के एजेंट के रूप में चुनाव लड़ रही है उसके पास छत्तीसगढ़ में जन सरोकारों के मुद्दे नहीं बचा है। वह वही करती है जो अडानी ग्रुप चाहता है। प्रदेश की आयरनओर की खदाने, बाक्साईट की खदाने, कोयले की खदाने अडानी को सौपा गया, बदले में अडानी ने 2014 के पहले अडानी ने भाजपा के प्रचार के लिये धन उपलब्ध कराया।
15 लाख हर के खाते में आने पर भाजपा प्रवक्ता की बोलती बंद हो गई, बंगले झांकने लगे। मोदी का दूसरा कार्यकाल खत्म हो रहा है न महंगाई कम हुई, न जनता के खाते में 15 लाख आये।
गौरव भाटिया रोजगार पर बात करने से पहले बतायें कि हर साल 2 करोड़ लोगों को रोजगार के वायदे का क्या हुआ? देश की बेरोजगारी दर 50 साल में सबसे ऊंचे पायदान पर क्यों हैं? देश की बेरोजगारी दर साढ़े 8 प्रतिशत है छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी दर 0.5 प्रतिशत है।
महादेव एप्प को मोदी, योगी की सरकार का संरक्षण है। महादेव एप्प को बंद करने का अधिकार मोदी सरकार के पास है उस पर रोक क्यों नहीं लगाती? भाजपा के नेताओं की हिस्सेदारी भाजपा के संवैधानिक पद पर बैठे एक नेता की इसके सरगना से निकटता है।
मुद्दाविहीन भाजपा अपनी राजनीति के लिये पीएससी जैसी स्वतंत्र संस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा कर रही है जबकि पीएससी परीक्षा के मामले में उसके पास एक भी तथ्यात्मक आरोप और सबूत नहीं है। यह भाजपा के राजनैतिक दिवालियेपन का प्रमाण है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments